December 5, 2021
आपका प्रदेश

कृषि कानून वापस: 'झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए', नवाब मलिक बोले- 7 साल में पहली बार झुकी मोदी सरकार 

नई दिल्ली:

पीएम मोदी ने आज तीनों कृषि कानून वापस लेने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में हम 3 कृषि कानून लेकर आए थे, लेकिन कुछ किसानों को हम यह समझाने में नाकाम रहे। इसके बाद बीजेपी के तमाम बड़े नेता टिप्पणी से बचते नज़र आए। कुछ नेताओं ने कैमरे पर बोला तो बड़ा संभल कर। विपक्षी नेताओं ने तुरंत जमकर रीऐक्शन देना शुरू किया।

प्रधानमंत्री का देश के नाम संबोधन खत्म होने के तुरंत बाद कृषि क़ानून वापस लेने के उनके ऐलान पर टीवी चैनलों पर नेताओं की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। बीजेपी का कोई बड़ा नेता सामने नहीं आया। विनय कटियार और अनिल विज जैसे कुछ नेता ही बोलते दिखे। कटियार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कुछ सोच कर ही फैसला लिया होगा। 

विज बोले- अब किसानों को अपने घर जाकर नियमित काम में लगना चाहिए। कृषि कानूनों के वापस लिए जाने पर विपक्षी दलों के नेताओं ने जमकर रिएक्शन दिया। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने ट्वीट करते हुए लिखा कि झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए। तीनों कृषि कायदे वापस लिए गए,  हमारे देश के किसानों को मेरा सलाम और शहीद किसानों को अभिवादन। वहीं यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बी वी श्रीनिवास ने ट्वीट करते हुए लिखा कि किसानों की जीत, तानाशाह की हार।

आम आदमी पार्टी के नेता व दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के फैसले पर कहा कि किसानों व किसान आंदोलन को बधाई। निरंकुश सरकार को आपके एक साल लंबे अहिंसक आंदोलन ने झुकने को मजबूर कर दिया। केंद्र सरकार को सैकड़ों किसानों की शहादत के सामने आखिर झुकना पड़ा। सरकार उन किसानों के परिवारों से भी माफी मांगे जिनकी जान इन क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन में गई है।  

वहीं आप सांसद संजय सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ये मोदी के अन्याय पर किसान आंदोलन की जीत ढेरों बधाई। भारत के अन्नदाता किसानों  पर एक साल तक घोर अत्याचार हुआ। सैंकड़ों किसानों की शहादत हुई। अन्नदाताओं को आतंकवादी कह कर अपमानित किया। इस पर मौन क्यों रहे मोदी जी? देश समझ रहा है चुनाव में हार के डर से तीनों काला क़ानून वापस हुआ।

भले ही ही प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि कानूनों को रद्द करने का ऐलान कर आंदोलनकारी किसानों से अपने अपने घर वापस जाने का आग्रह किया हो। लेकिन किसान नेता राकेश टिकैत ने साफ़ कर दिया है कि यह आंदोलन तत्काल ख़त्म नहीं होगा। किसान नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा। सरकार MSP के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करें।

Story Origin : नई दिल्ली

Comments

Leave a comment

HEADLINES

अलीगढ़ के डॉक्टरों ने किया कमाल, 5 महीने के मासूम के दिल-फेफड़ों को 110 मिनट रोककर दिया जीवनदान | Earthquake in Assam: असम और गुवाहाटी में लगे तेज भूकंप के झटके, जानमाल का नुकसान नहीं | किसान आंदोलनः आगे की रणनीति पर SKM की बैठक आज, कल भी होगी बैठक | जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षाबलों ने 1 आतंकी ढेर किया, मुठभेड़ जारी | कृषि कानूनों की वापसी BJP की चुनावी स्वार्थ व मजबूरी, ठोस फैसले लेने की जरूरत- मायावती | छत्तीसगढ़ को मिला सबसे स्वच्छ राज्य का अवार्ड, CM भूपेश बोले- महिलाओं ने बनाया नंबर-1 | सलमान खान का नया गाना 'कोई तो आएगा' रिलीज, एक्शन में भाईजान | करतारपुर साहिब के लिए रवाना हुए सिद्धू, अमृतसर आवास पर अरदास कर टेका मत्था | Bitcoin में आई बड़ी गिरावट, एक माह के निचले स्तर पर पहुंचे रेट | Lakhimpur Case: प्रियंका गांधी बोलीं- गृह राज्यमंत्री के साथ मंच साझा नहीं, उन्हें बर्खास्त करें पीएम मोदी | इंदौर ने फिर रचा इतिहास, लगातार 5वीं बार मिला देश में सबसे स्वच्छ शहर का अवॉर्ड | Rajasthan Cabinet Expansion: गोविंद सिंह डोटासरा का इस्तीफा, माकन से मिलेंगे पायलट, शपथ ग्रहण कल | वर्चुअल सुनवाई के दौरान बनियान में ही आ गया शख्स, दिल्ली HC ने लगाया 10 हजार का जुर्माना | देश भर के स्‍कूलों में जाएंगे टोक्‍यो ओलंपिक के हीरो, सरकार ने बनाया मेगा प्‍लान | स्वच्छता सर्वेक्षण: वाराणसी ने पेश की मिसाल, सबसे स्वच्छ गंगा शहर की लिस्ट में पहला स्थान मिला |