December 5, 2021
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VHP क्‍यों कर रहा है योगी सरकार के जनसंख्या कानून का व‍िरोध, जानिए इस खबर में

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार की नई जनसंख्या नीति को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है. विश्व हिंदू परिषद  ने उत्तर प्रदेश मे प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण बिल के दूसरे हिस्से पर सवाल खड़े किए हैं, जिसमें केवल एक बच्चा पैदा करने वाले दंपती को ज्यादा लाभ देने का प्रावधान है. विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, उत्तर प्रदेश सरकार की जनसंख्या नीति से सहमत है, लेकिन उसमें थोड़ा बदलाव की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि इस कानून के कुछ प्रावधान ऐसे है जिसमे एक बच्चे की पालिसी को प्रोत्साहन देने की बात है. उस से हम सहमत नहीं. माना जा रहा है कि विश्व हिंदू परिषद सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग को केवल एक बच्चे वाले परिवारों को प्रोत्साहित न करने का सुझाव भेजेगी।

विहिप के मुताबिक उसमे बदलाव की ज़रूरत है, जिसके लिए हमने सरकार को पत्र लिखा है. विहिप के कार्यवाहक अध्यक्ष ने कहा कि असम और केरल में मुस्लिम फर्टिलिटी रेट ज़्यादा, वहीं हिंदुओं में कम डेमोग्राफिक बदलाव हो रहा है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम लोगों ने परिवार नियोजन की नीति नहीं अपनाई, उम्मीद है वो भी इसे अपनाएंगे. अब पूरे देश में जनसंख्या नीति लागू करने की ज़रूरत है. सरकार को इस पर दोबारा विचार करना चाहिए, क्योंकि यह आबादी में नकारात्मक इजाफे को बढ़ावा देगा.

वीएचपी ने राज्य विधि आयोग को भेजा सुझाव
दरअसल, विश्व हिंदू परिषद ने यूपी जनसंख्या विधेयक के उस प्रावधान का विरोध किया, जो कहता हैं कि वो उन सरकारी अधिकारियों और बाकी लोगों को पुरस्कृत करेंगे, जो अपने परिवार में एक बच्चा रखेंगे. उधर, वीएचपी ने यूपी जनसंख्या कानून के मसले पर राज्य विधि आयोग को अपने सुझाव भेजे हैं. VHP के मुताबिक वो बिल की दोनों प्रस्तावना यानी जनसंख्या नियंत्रण करने और दो बच्चों की नीति को बढ़ावा देने का समर्थन करते हैं. हालांकि इस बिल के Section 5, 6(2) and 7 कहते हैं कि वो उन सरकारी अधिकारियों और बाकी लोगों को पुरस्कृत करेंगे, जो अपने परिवार में एक बच्चा रखेंगे.

नकारात्मक सामाजिक असर पड़ेगा
यूपी की जनसंख्या नीति का उद्देश्य बताया गया है एक समय सीमा के भीतर कुल प्रजनन दर (TFR) को 1.7 लाया जाएगा. VHP ने कहा कि वो Section 5, 6(2) and 7 और प्रजनन दर 1.7 लाने के उद्देश्य के खिलाफ हैं और इस पर पुनर्विचार करना चाहिए. दो बच्चों की नीति जनसंख्या नियंत्रण के लिए अच्छा है. लेकिन इससे कम करना उचित नहीं, इसके समाज पर अनेक नकारात्मक सामाजिक और आर्थिक असर पड़ेंगे.

चीन को एक बच्चे की नीति में करना पड़ा बदलाव
एक बच्चे की नीति में ऐसी स्थिति आ जाएगी, जिसमें एक व्यक्ति को अपने दो बुजुर्ग माता- पिता या दादा- दादी समेत 4 लोगों का ध्यान रखना होगा. चीन को भी एक बच्चे की नीति में बदलाव किया. तीन दशक में इस नीति को हटाना पड़ा. एक बच्चा को कई सामाजिक दिक्कत भी होती है. उन्हें अपने भाई या बहन के साथ बांटने की आदत नहीं होता, ज्यादा लाडप्यार भी मिलता है. जिसे “Little Emperor” syndrome भी कहते हैं.

Story Origin : lucknow

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