October 24, 2021
Tech Gadgets

रेलवे ने तैयार किया एक ऐसा ख़ास सिस्टम जिससे अब नहीं होगी ट्रेनों की टक्कर, जानिए खासियत

नई दिल्ली | भारतीय रेलवे रेल दुर्घटनाओं को रोकने के ल‍िए अब स्‍वदेशी तकनीक को अपनाने जा रहा है। रेल दुर्घटनाओं को रोकने के ल‍िए भारतीय रेलवे ने स्‍वदेशी प्रणाली ट्रेन टक्कर परिहार प्रणाली को व‍िकस‍ित क‍िया है ज‍िसको ‘कवच’ नाम दिया गया है। ये सिस्टम  रेल दुर्घटनाओं को रोकने में कारगर साबित होगा। उत्तर पश्‍च‍िम रेलवे की ओर से संरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस द‍िशा में यह कदम उठाया गया है। 

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार भारतीय रेलवे पर सिग्नल को लाल अवस्था में (अर्थात् रूकने के संकेत) में पार न करने, अनुमत गति से अधिक गति से ट्रेन ना चलाने एवं आमने-सामने टकराने वाले दुर्घटनाओं को रोकने के ल‍िए बचाव प्रणाली TCAS विकसित की गई है. रेलवे के ल‍िए इस प्रणाली को ‘कवच’ नाम दिया गया है. यह प्रणाली सैटेलाइट द्वारा रेडियो कम्युनिकेशन के माध्यम से लोकोमोटिव एवं स्टेशनों पर आपस में संबंध स्थापित करती है.

इसके द्वारा लोको पायलेट को जहां एक और आगे आने वाले सिग्नलों की स्थिति के बारे में पता चलता है. वहीं, दूसरी ओर उससे लाइन पर रुकावट/रोक का पता भी चल जाता है. इसके साथ ही इस प्रणाली से सिग्नल की लोकेशन एवं आने वाले सिग्नल की दूरी का भी पता चल जाता है, जिससे लोको पायलेट अधिक प्रभावी ढंग से गाड़ी का परिचालन कर पाता है. जब किसी लाइन पर अन्य गाड़ी के आने या खड़ी रहने आदि अवरोध का पता लगते ही यह प्रणाली सक्रिय होकर लोको पायलट को सचेत करती है एवं निश्चित अवधि पर स्वतः ही गाड़ी में ब्रेक लगा देती है, जिससे किसी भी अनहोनी घटना को रोका जा सके.

सीपीआरओ शश‍ि क‍िरण ने बताया क‍ि उत्तर पश्चिम रेलवे महाप्रबन्धक विजय शर्मा की ओर से 1586 किलोमीटर रेल लाइनों पर यह प्रणाली लगाने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है. एनडब्‍लूआर की ओर से इस योजना पर कुल लागत 436.22 करोड़ आएगी. इस योजना को जल्‍द से जल्‍द पूरा करने की तैयारी है.

उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) पर यह ‘कवच’ प्रणाली रेवाड़ी-पालनपुर वाया जयपुर, जयपुर-सवाई माधोपुर, उदयपुर-चित्तौड़गढ़, फुलेरा-जोधपुर-मारवाड़ एवं लूनी-भीलड़ी के 1586 किमी रेल खंड पर स्वीकृत की गई है। इस प्रणाली से ट्रेनों का सुरक्षित एवं संरक्षित संचालन तो होगा ही, साथ ही लोको पायलेट द्वारा सिगनलों की स्थिति की सटीक जानकारी मिलने से गाड़ी की औसत गति में भी संरक्षित रहे गी। 

Story Origin : नई दिल्ली

Comments

Leave a comment

HEADLINES

Lakhimpur Kheri violence : कांग्रेस ने 4 किसान, 1 पत्रकार के परिजनों को दी 1 करोड़ की मदद | UP Board Exam 2022: यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 8 नवंबर तक बढ़ी | UP: योगी सरकार अब माफियाओं से खाली कराई गई जमीन पर बनाएगी सस्ते घर, गरीबों और कर्मचारियों को मिलेगा लाभ | Gorakhpur : नशे में धुत दबंगों ने पुलिसकर्मी को लाठी-डंडों से पीटा | Kisan Andolan: योगेंद्र यादव के निलंबन पर राकेश टिकैत की दो टूक, बोले- 40 लोगों की कमेटी का फैसला सही | हरियाणा: पतंजलि गोदाम में काम करने के बाद घर लौट रहे 3 युवकों की सड़क हादसे में मौत | UP Assembly Elections: यूपी चुनाव को लेकर कांग्रेस की अहम बैठक आज, महिला उम्मीदवारों को दी जाएगी प्राथमिकता | बॉलीवुड एक्ट्रेस मीनू मुमताज का कनाडा में निधन, मीना कुमारी ने रखा था इनका नाम | हिमाचल में फिर बढ़े दाम, शिमला में 105 रुपये के करीब पहुंचा पेट्रोल | 14 साल के लड़के को मिला 100 साल पुराना लव लेटर, लिखा था- 'चुपके से आधी रात में आना मिलने' | लहंगे में छुपाकर ऑस्‍ट्रेलिया भेजी जा रही थी सुडोफेड्रीन ड्रग्‍स, NCB ने पकड़ा | COVID-19 in India: 24 घंटे में कोरोना के 16326 नए मामले, केरल ने मौत के आंकड़े जोड़े तो बढ़ी धड़कन | ICC T20 WC: भारत पाकिस्तान मैच पर लगा 1000 करोड़ रुपये का सट्टा, एंटी करप्शन यूनिट मुस्तैद | बच्चों की कोरोना वैक्सीन पर अदार पूनावाला बोले- हम जल्दबाजी नहीं करेंगे | NCB की रडार पर 'प्रसिद्ध हस्ती' का नौकर, अनन्या पांडे के कहने पर आर्यन खान तक ड्रग्स पहुंचाने का शक |