December 5, 2021
जल जंगल ज़मीन

उत्तराखंड में बारिश का कहर; मरने वालों का आकड़ा 45 के पार, 11 लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

देहरादून:

उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण हुए हादसों और आपदाओं में मारे गए लोगों का आंकड़ा 46 पहुंच गया है। चारधाम यात्रा के रास्तों में भारी भूस्खलन के बाद अब नैनीताल और रुद्रपुर में भारी तबाही हुई है। सोमवार से अब तक के आंकड़े जारी करते हुए एक आधिकारिक नोट में कहा गया है कि यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है क्योंकि नैनीताल समेत कई इलाकों में लोग लापता हैं। अब तक की स्थितियों के मुताबिक नैनीताल ज़िले में सबसे ज़्यादा 28 जानें गई हैं। ज़िले में 11 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं इसलिए यहां मौतों के आंकड़े में इज़ाफे का अंदेशा है। इसके अलावा, 12 लोग घायल हैं,​ जिनका इलाज अस्पतालों में चल रहा है।


कहां कब कितनी मौतें हुईं?

चम्पावत के बनबसा में – 1 मौत
पौड़ी – लैंसडौन – 3 मौत, 2 घायल
चम्पावत – 2 मौत
पिथौरागढ़ – 1 मौत
नैनीताल – 28 मौत, 2 घायल, 5 लापता
अल्मोड़ा – 6 मौत, 2 घायल,
चंपावत – 2 मौत, 2 घायल 6, लापता
उधमसिंह नगर – 2 मौत
चमोली – 4 घायल
बागेश्वर – 1 मौत


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड में बारिश के चलते आई इस आपदा पर कहा कि, "उत्तराखंड के कई इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण हुई लोगों की मौत से दुखी हूं। घायल लोग जल्द ठीक हों, जो लोग प्रभावित हैं, उनके लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मैं सभी की सुरक्षा और सलामती की प्रार्थना करता हूं।"


राहत कार्यों के लिए वायुसेना का राहत दल हल्द्वानी रवाना हो चुका है। नैनीताल ज़िले के सलारी गांव के लिए एसडीआरएफ की टीम रवाना हुई है, जहां भूस्खलन हुआ है और कई ग्रामीण इसमें दबे हुए हैं। दूसरी तरफ, रुद्रप्रयाग-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 107 अवरुद्ध है। पहाड़ी से मलबा आने से नौलापानी के पास एनएच बंद है, जिसे खोलने की कोशिशें जारी हैं।


फसलों और पर्यटन को भी नुकसान

राज्य में अतिवृष्टि से सिर्फ चार धाम यात्रा ही प्रभावित नहीं हुई बल्कि पर्यटन भी बुरी तरह प्रभावित हो गया है। नैनीताल के हालात बिगड़ने से यहां पर्यटक फंसे हैं और बाकी लौट रहे हैं। टिहरी झील में बोटिंग और कैंप कॉटेज मालिकों पर मौसम की मार पड़ी है। पर्यटक एडवांस बुकिंग कैंसल करवा रहे हैं तो स्थानीय व्यवसायियों को झटका लग रहा है। वहीं, ऋषिकेश में बारिश से किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ है और धान की फसल बर्बाद हो गई है।
 

Story Origin : नैनीताल

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