October 26, 2021
जल जंगल ज़मीन

प्लास्टिक को रीसायकल कर बनाया जाता है सड़क, जानें इस फॉर्मूले को दुनिया भर में फेमस करने वाले शख्स की कहानी

नई दिल्ली | भारत में मौजूद कचरा कितना नुक्सान दयाक होता है ये तो सब जानते ही है, कचरे के ढेर में मौजूद प्लास्टिक, पर्यावरण और हमारे लिए कितना नुकसान दायक है। प्रदुषण से वातावरण तो ख़राब होता है। कचरे में पड़ा प्लास्टिक जीव-जंतुओं की मौत का भी कारन बनती है, मगर कुछ लोग पर्यावरण का ख्याल रखने के लिए कचरे को रिसाइकल करके उसका दोबारा इस्तेमाल करने लायक बनाने में लगे हुए है।

इसी दिशा में मदुरै के टीसीई इंजीनियरिंग कॉलेज का एक प्रोफ़ेसर वर्षों से लगा है और प्लॉस्टिक के कचरे से सड़कें बनवा रहा है. 'प्लास्टिक मैन ऑफ़ इंडिया' के नाम से मशहूर यह शख़्स अपने इस काम के लिए भारत सरकार द्वारा पद्मश्री जैसे बड़े सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है.

प्लास्टिक से सड़क बनाने वाला प्रॉफ़ेसर कौन है?
प्लास्टिक से सड़क बनाने वाले इस प्रॉफे़ेसर का नाम राजगोपालन वासुदेवन है, जोकि मदुरै के टीसीई इंजीनियरिंग कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रोफ़ेसर हैं. वह साल 2002 था, जब सबसे पहले थिएगराजार कॉलेज के परिसर में वासुदेवन प्लास्टिक कचरे से रोड बनाने में सफ़ल रहे.

अपने इस काम के लिए वासुदेवन को पहचान पाने में एक लंबा समय लगा. कहते हैं, करीब 10 साल की कड़ी मेहनत के बाद उनकी इस तकनीक को मान्यता तब मिली, जब वह अपने इस प्रोजेक्ट को तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता के पास लेकर गए. कथित तौर पर जयललिता ने उनके इस काम की सराहना की थी और मदद के लिए कदम भी आगे बढ़ाया था.

अब पूरी दुनिया करती है इस तकनीक का उपयोग
आगे इस आइडिया के बारे में दुनिया को पता चला, तो उसने वासुदेवन से यह आइडिया ख]रीदने की कोशिश की. मगर, वासुदेवन ने मना कर दिया और नि: शुल्क भारत सरकार को अपनी यह तकनीक सौंप दी, जिसकी मदद से हज़ारों किलोमीटर तक सड़क बनाई जा चुकी हैं.

उनकी तकनीक आज पंचायतों, नगर पालिकाओं, यहां तक ​​कि एनएचआई द्वारा भी प्रयोग में लाई जा रही है. यही नहीं, इससे प्रेरित होकर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कचरे के प्लास्टिक का बड़े पैमाने पर उपयोग करने के लिए एक मिशन भी शुरू किया है.

प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर जागरूकता फैलाने के लिए देश भर में लगभग 26 हज़ार लोगों को जोड़ा गया है और अपशिष्ट प्लास्टिक का संग्रह किया जा रहा है, ताकि उसका प्रयोग सड़क बनाने में किया जा सके. भारत में पहले से ही प्लास्टिक से बनी करीब 100,000 किलोमीटर की सड़कें मौजूद हैं, साथ ही कई अन्य प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।

Story Origin : नई दिल्ली

Comments

Leave a comment

HEADLINES

Lakhimpur Kheri violence : कांग्रेस ने 4 किसान, 1 पत्रकार के परिजनों को दी 1 करोड़ की मदद | UP Board Exam 2022: यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 8 नवंबर तक बढ़ी | UP: योगी सरकार अब माफियाओं से खाली कराई गई जमीन पर बनाएगी सस्ते घर, गरीबों और कर्मचारियों को मिलेगा लाभ | Gorakhpur : नशे में धुत दबंगों ने पुलिसकर्मी को लाठी-डंडों से पीटा | Kisan Andolan: योगेंद्र यादव के निलंबन पर राकेश टिकैत की दो टूक, बोले- 40 लोगों की कमेटी का फैसला सही | हरियाणा: पतंजलि गोदाम में काम करने के बाद घर लौट रहे 3 युवकों की सड़क हादसे में मौत | UP Assembly Elections: यूपी चुनाव को लेकर कांग्रेस की अहम बैठक आज, महिला उम्मीदवारों को दी जाएगी प्राथमिकता | बॉलीवुड एक्ट्रेस मीनू मुमताज का कनाडा में निधन, मीना कुमारी ने रखा था इनका नाम | हिमाचल में फिर बढ़े दाम, शिमला में 105 रुपये के करीब पहुंचा पेट्रोल | 14 साल के लड़के को मिला 100 साल पुराना लव लेटर, लिखा था- 'चुपके से आधी रात में आना मिलने' | लहंगे में छुपाकर ऑस्‍ट्रेलिया भेजी जा रही थी सुडोफेड्रीन ड्रग्‍स, NCB ने पकड़ा | COVID-19 in India: 24 घंटे में कोरोना के 16326 नए मामले, केरल ने मौत के आंकड़े जोड़े तो बढ़ी धड़कन | ICC T20 WC: भारत पाकिस्तान मैच पर लगा 1000 करोड़ रुपये का सट्टा, एंटी करप्शन यूनिट मुस्तैद | बच्चों की कोरोना वैक्सीन पर अदार पूनावाला बोले- हम जल्दबाजी नहीं करेंगे | NCB की रडार पर 'प्रसिद्ध हस्ती' का नौकर, अनन्या पांडे के कहने पर आर्यन खान तक ड्रग्स पहुंचाने का शक |