October 26, 2021
जल जंगल ज़मीन

किसानों पर कहर,बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट से लगी आग से हुई 400 कनाल गेहूं की फसल राख

हिमांचल/धर्मशाला/कांगड़ा 
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में खेतों में आग ने किसानों पर कहर बरपाते उनकी 400 कनाल गेंहू की फसल जलाकर राख कर कर दी। महामारी काल में ये घटना किसानों के लिए बेहद पीड़ा और कष्टदायक है।आपको बतादें की कांगड़ा के इंदौरा क्षेत्र में आयेआगजनी की घटनाएं आये दिन सामने आती रही है। अब हाल में ही ये ताजा मामला मामला इंदौरा की पंचायत राजाखासा के हलेड गाँव का है जहाँ अथक कड़े परिश्रम और अपना खून पसीना एक करके तैयार की गई रबी की 400 कनाल फ़सल किसानों के खेतों के ऊपर से होगर गुजर रहे बिजली के तारों में शार्ट सर्किट होने के कारण खेतों में गिरी चिंगारियों से लगी आग में जलकर राग हो गयी।


खेतों में लगी 30-40 फ़ीट ऊँची लपटों की यह आग इतनी भयानक थी की उसने खेतों में लगे शीशम, आम और जामुन के पेड़ों को भी अपनी चपेट में ले जलाकर राख कर दिया। आग ने पास ही बने पोल्ट्री फार्म को भी भारी क्षति पहुंचाई।  पिछले 15 दिनों में इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में लगभग 700 से 800 कनाल गेंहू की फसल आग से जलकर राख हो चुकी है आग की सूचना प्राप्त होने बाद अग्निशमन वाहन के दमकल कर्मियों के पहुंचने तक बहुत देर हो चुकी थी और सारी फसल जलकर नष्ट हो चुकी थी।


प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों ने किसी तरह उपलब्ध सिमित संसाधनों से ही आग को बुझाने में कुछ हद तक सफलता प्राप्त की। गाँव में ही रहने वाले राकेश सिंह,सोनू,यशपाल, रशपाल,सुदर्शन सिंह लम्बड़दार,आदि किसानों ने बताया की आग से तकरीबन खेतों में खड़ी 300 कनाल गेंहू की परिपक्व फसल को को जलाकर रख कर दिया  जिससे किसानों को  तकरीबन 80 से 90 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 


क्षेत्र में आज तक नहीं खोला गया कोई फायर स्टेशन -

इलाके में बार बार लगने वाली आग से हुए नुकसान से आहत पीड़ित लोगों का कहना है कि यदि हिमाचल ऊंचाई पर स्थित क्षेत्रों में सेब की फसल को किसी भी प्रकार भी प्रकार की क्षति होती है तो वहाँ के किसानो को फसल का पूरा मुआवजा सरकार की तरफ से प्राप्त होता है  फसली के प्रारम्भ से पहले ही सरकार वहां के किसानों को सभी आवश्यक मूल व आधारभूत सुविधाएं प्रदान करती है, लेकिन उसके विपरीत हिमाचल के निचले क्षेत्रों में किसानों के पास पाने और खोने के लिये अपनी इन नकद फसलों के अतिरिक्त कोई और साधन नहीं है। 


वो भी बार बार आग लगने से जलकर राख हो जाती हैं इसके बावजूद कोई नेता प्रशासक यहाँ की स्थिति पर संज्ञान ले निरीक्षण करने नहीं आते। हर साल आगजनी के चलते किसानों की लाखों रुपये की फसल जलकर राख हो जाती है फिर भी यहाँ आज तक कोई फायर स्टेशन नहीं खोला गया है जो की अत्यन्तावश्यक है।

Story Origin : धर्मशाला

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