October 26, 2021
जल जंगल ज़मीन

जयपुर किए वो महाराज जिन्होंने 1971 भारत - पाक युद्ध में दुश्मन की नाक में दम कर दिया था

वर्ष 1971 के भारत पाक युद्व में पश्चिम के मोर्चे पर राजस्थान के पाक सीमावर्ती जिले बाड़मेर के मोर्चे पर जयपुर के महाराजा साहेब तैनात थे ....
लेफ्टीनेंट कर्नल महाराजा सवाई भवानी सिंह कच्छवाह .
पाकिस्तान की सीमा में सैकड़ों किलोमीटर दूर तक दुश्मन के हौसले पस्त कर देने और कई शहरों को कब्जे में कर लेने के बाद छुट्टी मनाने जब जयपुर के पूर्व नरेश सवाई भवानीसिंह जयपुर लौटे तो सारा शहर उन्हें धन्यवाद देने खड़ा हो गया था

उस दोपहर सांगानेर हवाई अड्डे से आमेर महल का सफर तय करने में महाराजा साहेब को आधे दिन से ज्यादा समय लग गया था . 
आमेर दुर्गपहुंचने पर पहला काम महाराजा साहेब को शिलादेवी के मंदिर में धन्य-प्रार्थना कर आशीर्वाद प्राप्त करना था जैसा कछवाहा शासकों की परम्परा रही है .वे तब लेफ्टिनेन्ट कर्नल के पद पर थे ,वर्ष 1971 में भारत ने पूर्वी पाकिस्तान (आज के बांग्लादेश) को स्वतंत्र होने में अभूतपूर्व सैन्य सहायता प्रदान कर विश्व को चौंका दिया थापश्चिम सीमा पर पाकिस्तान ने पैटन-टैंकों से पंजाब एवं राजस्थान में कई इलाकों पर आक्रमण किए जिनका माकूल जवाब देकर उन्हें ध्वस्त किया गया और भारतीय सेना दुश्मन के इलाकों में घुसती गई.

  • बहुत कम लोगों को यह पता चला कि पांच महीनों से रेगिस्तानी क्षेत्रों में हवाई जहाजों से छाताधारी लड़ाकू योद्धाओं को कुदाया जा रहा था और ऐसे प्रशिक्षण दिए जा रहे थे कि वे अंधेरे में पाकिस्तान के इलाकों पर कब्जा कर लें  महाराजा भवानीसिंह जी तब भारतीय सेना के दसवीं पैरा रेजिमेंट के शीर्ष अधिकारी थे और इस प्रशिक्षण का नेतृत्व कर रहे थे

सेना प्रमुख एस.एच.एफ.जे. मानकशा के इशारे पर इन्होंने छाताधारी सैनिकों की अगुवाई कर उस डेजर्ट-ऑपरेशन की अगुवाई की और पाकिस्तान की सीमा में छाछरो नामक नगर पर आधी रात में ही कब्जा कर लिया .... 

  • एल्फा और चारली नामक दो अलग-अलग टुकडिय़ों के जमीन पर कूदते ही सेना की जोंगा जीपें खड़ी मिलती जिनमें गोला-बारूद एवं खाने का सामान रहता था. पांच दिन में इन सभी ने छाछरो के बाद वीरावाह इस्लामकोट नगरपारकर और अन्त में लुनियों नामक नगरों पर तिरंगा झण्डा फहरा दिया.यह इलाके बाड़मेर के दक्षिण-पश्चिम में थे और करीब 60 से 90 किमी की दूरी पर थे .... 

कार्र्रवाई में पाक के 36 सैनिक मारे गए और 22 को युद्ध बन्दी बनाया गया था .

वीरोचित सम्मान देने के लिए पूरा देश उन दिनों युद्ध से लौटने वाले सैनिकों के लिए पलकें बिछाए हुए था जयपुर में , ले. कर्नल महाराजा भवानीसिंह जी को दोतरफा आदर मिला एक तो वे यहां के नरेश थेदूसरे एक ऐसे सैन्य अधिकारी जिन्होंने छाताधारी सैनिकों की रेजिमेंट का नेतृत्व कर पाकिस्तान के कई शहरों को फतह किया.
खुली जीप में खड़े होकर यह सैन्य अधिकारी बाजारों में खड़े नागरिकों एवं अपनी प्रजा से शाबाशी प्राप्त करते हुए बार-बार झुकते थे हुए हाथ जोडकऱ लोगों को धन्यवाद दे रहे थे .

 

कार्र्रवाई में पाक के 36 सैनिक मारे गए और 22 को युद्ध बन्दी बनाया गया था .

जौहरी बाजार से इनकी जीप को आगे बढऩे में सबसे अधिक समय लगा , इतनी लम्बी विजय यात्रा में जयपुर वासियों ने न तो तोरण द्वार बनवाए न ही कोई बैनर या होर्डिंग लगवाए क्योंकि ऐसा दिखावा तब जीवन का अंग नहीं था। लोगों को एक साथ जुडऩे का संकेत ऐसे मिला कि वे समूह में उमड़ पड़े और अत्यन्त अनुशासित बने रहे.

राजस्थान-पत्रिका में इस युद्ध के विजेता के लौटने की खबर एक दिन पहले प्रकाशित हुई थी इतना काफी था जयपुर शहर कोउमडऩे के लिए स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सवाई भवानी सिंह ही एकमात्र नरेश थे जिन्होंने भारतीय सेना में सैकंड लेफ्टिनेंट के पद से सेवा आरंभ की और बटालियन के कमाण्डर पद से स्वत: सेवानिवृत्ति प्राप्त की इस लड़ाई में अदम्य साहस शौर्य वीरता पराक्रम एवं नेतृत्व की श्रेष्ठता के लिए इन्हें सरकार ने महावीर-चक्र से सुशोभित किया 

22 अक्टूबर 1931 को जन्मे इस पैराट्रू पर फौजी अफसर को ब्रिगेडियर का ओहदा भी सरकार ने प्रदान किया 
इनका देहान्त 17 अप्रेल 2011 को हुआ था ....
भारत माता के ऐसे सभी वीरों को सादर प्रणाम और अभनंदन।  

Story Origin : दिल्ली

Comments

Leave a comment

HEADLINES

Lakhimpur Kheri violence : कांग्रेस ने 4 किसान, 1 पत्रकार के परिजनों को दी 1 करोड़ की मदद | UP Board Exam 2022: यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 8 नवंबर तक बढ़ी | UP: योगी सरकार अब माफियाओं से खाली कराई गई जमीन पर बनाएगी सस्ते घर, गरीबों और कर्मचारियों को मिलेगा लाभ | Gorakhpur : नशे में धुत दबंगों ने पुलिसकर्मी को लाठी-डंडों से पीटा | Kisan Andolan: योगेंद्र यादव के निलंबन पर राकेश टिकैत की दो टूक, बोले- 40 लोगों की कमेटी का फैसला सही | हरियाणा: पतंजलि गोदाम में काम करने के बाद घर लौट रहे 3 युवकों की सड़क हादसे में मौत | UP Assembly Elections: यूपी चुनाव को लेकर कांग्रेस की अहम बैठक आज, महिला उम्मीदवारों को दी जाएगी प्राथमिकता | बॉलीवुड एक्ट्रेस मीनू मुमताज का कनाडा में निधन, मीना कुमारी ने रखा था इनका नाम | हिमाचल में फिर बढ़े दाम, शिमला में 105 रुपये के करीब पहुंचा पेट्रोल | 14 साल के लड़के को मिला 100 साल पुराना लव लेटर, लिखा था- 'चुपके से आधी रात में आना मिलने' | लहंगे में छुपाकर ऑस्‍ट्रेलिया भेजी जा रही थी सुडोफेड्रीन ड्रग्‍स, NCB ने पकड़ा | COVID-19 in India: 24 घंटे में कोरोना के 16326 नए मामले, केरल ने मौत के आंकड़े जोड़े तो बढ़ी धड़कन | ICC T20 WC: भारत पाकिस्तान मैच पर लगा 1000 करोड़ रुपये का सट्टा, एंटी करप्शन यूनिट मुस्तैद | बच्चों की कोरोना वैक्सीन पर अदार पूनावाला बोले- हम जल्दबाजी नहीं करेंगे | NCB की रडार पर 'प्रसिद्ध हस्ती' का नौकर, अनन्या पांडे के कहने पर आर्यन खान तक ड्रग्स पहुंचाने का शक |